-

ढोंगी साधु और सत्य का साक्षात्कार (1970) | महान त्यागी बाबा जुमदेवजी का निर्भीक मार्गदर्शन
✨ प्रस्तावना समाज में साधु, महात्मा और तपस्वियों को बहुत सम्मान दिया जाता है। लेकिन हर साधु सच्चा ही हो, ऐसा जरूरी नहीं है। बाहरी वेश, जटाएँ, दाढ़ी या कफनी से कोई आध्यात्मिक नहीं बनता—यह सच्चाई कई लोगों को देर से समझ में आती है। सन 1970 में घटी “ढोंगी साधु” की घटना महान त्यागी […]
-

मोंगरकशा तालाब का अद्भुत चमत्कार (1978) | बाबा जुमदेवजी की पादुकाओं की दिव्य महिमा
✨ प्रस्तावना सतयुग, त्रेतायुग, द्वापरयुग और कलियुग—हर युग में परमेश्वर विभिन्न रूपों में प्रकट होते आए हैं। सतयुग की कथाएँ हम पुराणों में, रामायण और महाभारत में पढ़ते हैं। इन कथाओं को पढ़ते या सुनते समय हमारे मन में अक्सर यह प्रश्न उठता है—“क्या आज के समय में भी ऐसी घटनाएँ घटती हैं?” इसका उत्तर […]
-

🌟 “एक भगवन्त का पहला गुण” – बाबा जुमदेवजी की दिव्य शक्ति के प्रकट होने का आरंभ
🌟 भूमिका मानवधर्म के आध्यात्मिक इतिहास में कई चमत्कारी घटनाएँ अमर हो चुकी हैं,लेकिन इन सबमें एक घटना ऐसी है, जिसने एक भगवन्त का पहला गुण प्रत्यक्ष रूप में संसार के सामने प्रकट किया। बाबा जुमदेवजी की परमेश्वरप्राप्ति के शुरुआती तीन महीनों में, जब बाबा पूर्ण विदेही अवस्था में थे और परमात्मा में लीन थे, […]
-

🌼 मानव धर्म का उद्गम : पचमढ़ी में बाबा जुमदेवजी का दिव्य अनुभव
🌟 प्रस्तावना मानव धर्म आधुनिक भारत के आध्यात्मिक इतिहास का एक अत्यंत महत्वपूर्ण अध्याय है।सन 1949, महाशिवरात्रि के पवित्र पर्व परमहानत्यागी बाबा जुमदेवजी ने इस धर्म की आधारशिला रखी। यह धर्म किसी जाति–पंथ, परंपरा या वर्ग तक सीमित नहीं,बल्कि संपूर्ण मानवजाति के लिए जीने का मार्ग है। मानव धर्म का मूल उद्गममध्य प्रदेश के होशंगाबाद […]
-

✴️महानत्यागी बाबा जुमदेवजी : जन्म और जीवन यात्रा
🌼 प्रस्तावना भारत के आध्यात्मिक और सामाजिक इतिहास मेंमहानत्यागी बाबा जुमदेवजी का नाम अत्यंत सम्मान से लिया जाता है। सत्य, ईमानदारी, परमार्थ, त्याग और समाजसेवाइन गुणों के कारण उन्होंने एक सामान्य गृहस्थ होकर भीअपना जीवन असामान्य और प्रेरणादायी बनाया। 👶 जन्म और बाल्यकाल बाबा जुमदेवजी का जन्म3 अप्रैल 1921 को नागपुर के गोळीबार चौक परिसर […]
-

🌼1933 से 1945 : बाबा जुमदेवजी के जीवन का भूत-आत्माओं से संघर्ष और भगवत-प्राप्ति का मार्ग
🌼 1933 की शुरुआत और घर बदलने का निर्णय सन 1933, ठुब्रीकर परिवार पुराने स्थान पर रह रहा था।परंतु मोहल्ले में पड़ोसियों से लगातार झगड़े और कलह होने के कारणपूरा परिवार मानसिक रूप से परेशान हो गया था। इसलिए अंततः उन्होंने दूसरे स्थान पर नया घर खरीदने का निर्णय लिया। नागपुर के रंभाजी रोड, टिमकी […]
-

🌼प्रथम सेवक : गंगारामजी रंभाड और महान त्यागी बाबा जुमदेवजी का परमेश्वर दर्शन
🌼 प्रस्तावना महान त्यागी बाबा जुमदेवजी ने जब एक परमेश्वर की प्राप्ति की,उस दैवी शक्ति का लाभ अनेक गरीब, दुखी और कष्टों से जूझ रहे लोगों को मिलने लगा। बाबा निष्काम भाव से लोगों के जीवन के —शारीरिक, आर्थिक और मानसिक दुःख दूर करने लगेऔर उन्हें सुख, शांति और संतोष का मार्ग दिखाने लगे। इस […]
-

महान त्यागी बाबा जुमदेवजी की अद्भुत साधना — परमेश्वर प्राप्ति कथा
✨ प्रस्तावना महान त्यागी बाबा जुमदेवजी — जिनका सम्पूर्ण जीवनपरमेश्वर प्राप्ति, तप, त्याग और भक्ति का अद्वितीय उदाहरण है। आध्यात्मिक साधना केवल पूजा-पाठ नहीं होती।यह मन, श्रद्धा और दृढ़ निश्चय का सर्वोच्च संगम है।दुनिया में हजारों साधना-मार्ग हैं, पर कुछ ही साधक अत्यंत कठिन मार्ग चुनते हैं और ঈश्वर की दिव्य कृपा का अनुभव करते […]
-

🌸 महानत्यागी बाबा जुमदेवजी की विदेह अवस्था – परमेश्वर में विलीन होने की अद्भुत कथा 🌸
Adminअक्टूबर 27, 2025 📚 विषय सूची प्रस्तावना मानव जाति के आध्यात्मिक इतिहास में अनेक संत, साधक और महात्मा हुए हैं जिन्होंने ईश्वर प्राप्ति का अद्भुत अनुभव किया। परंतु कुछ का जीवन स्वयं परमेश्वर में विलीन होने की अवस्था का प्रतीक बन गया।ऐसे ही महान संतों में से एक हैं महानत्यागी बाबा जुमदेवजी , जिन्होंने आत्मसाक्षात्कार […]
